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राजस्थान की जलवायु (Climate of Rajasthan)

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  राजस्थान की जलवायु राजस्थान की जलवायु शुष्क से उपआर्द्र मानसूनी जलवायु है अरावली के पश्चिम में न्यून वर्षा, उच्च दैनिक एवं वार्षिक तापान्तर निम्न आर्द्रता तथा तीव्रहवाओं युक्त जलवायु है। दुसरी और अरावली के पुर्व में अर्द्रशुष्क एवं उपआर्द्र जलवायु है। जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक - अक्षांशीय स्थिती, समुद्रतल से दुरी, समुद्र तल से ऊंचाई, अरावली पर्वत श्रेणियों कि स्थिति एवं दिशा आदि। राजस्थान की जलवायु कि प्रमुख विशेषताएं - 01. शुष्क एवं आर्द्र जलवायु कि प्रधानता 02.अपर्याप्त एंव अनिश्चित वर्षा 03.वर्षा का अनायस वितरण 04.अधिकांश वर्षा जुन से सितम्बर तक 05. वर्षा की परिर्वतनशीलता एवं न्यूनता के कारण सुखा एवं अकाल कि स्थिती अधिक होना। राजस्थान कर्क रेखा के उत्तर दिशा में स्थित है। अतः राज्य उपोष्ण कटिबंध में स्थित है। केवल डुंगरपुर और बांसवाड़ा जिले का कुछ हिस्सा उष्ण कटिबंध में स्थित है। अरावली पर्वत श्रेणीयों ने जलवायु कि दृष्टि से राजस्थान को दो भागों में विभक्त कर दिया है। अरावली पर्वत श्रेणीयां मानसुनी हवाओं के चलने कि दिशाओं के अनुरूप होने के कारण मार्ग में बाधक नहीं बन प...

राजस्थान के संभाग (divisions of rajasthan)

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राजस्थान के जिले राजस्थान अपने वर्तमान स्वरूप में 1 नवंम्बर 1956 को आया। इस समय राजस्थान में कुल 26 जिले थे। 26 वां जिला-अजमेर-1 नवंम्बर, 1956 27 वां जिला-धौलपुर-15 अप्रैल, 1982, यह भरतपुर से अलग होकर नया जिला बना। 28 वां जिला- बांरा-10 अप्रैल, 1991, यह कोटा से अलग होकर नया जिला बना। 29 वां जिला-दौसा-10 अप्रैल,1991, यह जयपुर से अलग होकर नया जिला बना। 30 वां जिला- राजसंमद-10 अप्रैल, 1991, यह उदयपुर से अलग होकर नया जिला बना। 31 वां जिला-हनुमानगढ़-12 जुलाई, 1994, यह श्री गंगानगर से अलग होकर नया जिला बना। 32 वां जिला -करौली 19 जुलाई, 1997, यह सवाई माधोपुर से अलग होकर नया जिला बना। 33 वां जिला-प्रतापगढ़-26 जनवरी,2008, यह तीन जिलों से अलग होकर नया जिला बना। चित्तौडगढ़- छोटी सादडी, आरनोद,प्रतापगढ़ तहसील उदयपुर-धारियाबाद तहसील बांसवाडा- पीपलखुट तहसील प्रतापगढ जिला परमेशचन्द कमेटी की सिफारिश पर बनाया गया।प्रतापगढ जिले ने अपना कार्य 1 अप्रैल, 2008 से शुरू किया। प्रतापगढ़ को प्राचीन काल में कांठल व देवला/देवलीया के नाम से जाना जाता था |   तथ्य कांठल का ताजमहल - काका साहब की दरगाह। कांठल की गं...

राजस्थान का एकीकरण (Integration of Rajasthan )

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राजस्थान का एकीकरण   **   भारत में देशी रियासतों को एकीकरण करने का कार्य भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल व वी। पी। मेनन को दिया गया था। ** केंद्र सरकार ने देशी रियासतों के एकीकरण करने के लिए 5 जुलाई 1947 को सरदार वल्लभ भाई पटेल (लौह पुरुष) के नृतत्व में राज्य के मंत्रालय (रियासत विभाग) का गठन किया था। के सचिव वी.पी. मेनन थे | **   भारत स्वतंत्रता के समय में 19 देशी रियासतें, 3 ठिकाने और अजमेर मेरवाड़ा केंद्र शासित प्रदेश था ** 19 रियासतों में: - अलवर, भरतपुर, करौली, धौलपुर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, टोंक, शाहपुरा, कुशलगढ़, उदयपुर, जोधपुर, जयपुर, बीकानेर, जैसलमेर, सिरोही | **   3 ठकानो में: - लावा-जयपुर, नीमराणा-अलवर,  मानगढ़ - बाँसवाड़ा  ठिकानों को - गैर सलामी रियासतें भी कहते हैं **    राजस्थान में सर्वप्रथम संघ निर्माण का कार्य 25 जून 1946 को उदयपुर के महाराणा भूपाल सिंह द्वारा किया गया था **   संघ निर्माण हेतु मेवाड़ महाराणा भूपालसिंह द्वारा उदयपुर में राजपूताना रियासती राजाओं का सम्म...